अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
10 मई 2019
देखू सखि दाइ माइ, ठकलक बभना आइ लिरिक्स
Dekh Sakhi Dai Mai Lyrics
देखू सखि दाइ माइ, ठकलक बभना आइ
पहिने सुनैत छलियनि जस तीन भुवन,
आब सुनैत छियनि घर नहि आंगन
भोला के माय-बाप नहि केयो छनि अपना
गौरी के सासु-ननदि सब सपना
गौरी तप कयलनि रात दिना,
तिनका एहन बर देल विधना
भनहि विद्यापति सुनू मैना,
नाचथि सदाशिव भरि अंगना
रचनाकार : विद्यापति
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