...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

30 सित॰ 2020

हम जुवती, पति गेलाह बिदेस लिरिक्स - विद्यापति

हम जुवती, पति गेलाह बिदेस,
लग नहि बसए पड़उसिहु लेस।

सासु ननन्द किछुआओ नहि जान,
आँखि रतौन्धी, सुनए न कान।

जागह पथिक, जाह जनु भोर,
राति अन्धार, गाम बड़ चोर।

सपनेहु भाओर न देअ कोटबार,
पओलेहु लोते न करए बिचार।

नृप इथि काहु करथि नहि साति,
पुरख महत सब हमर सजाति।

विद्यापति कवि एह रस गाब,
उकुतिहि भाव जनाब।

रचनाकार - विद्यापति

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »