...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

3 जुल॰ 2020

कुच-जुग अंकुर उतपत् भेल - लिरिक्स

रचनाकार - श्री विद्यापति

कुच-जुग अंकुर उतपत् भेल।
चरन-चपल गति लोचन लेल।।

अब सब अन रह आँचर हाथ।
लाजे सखीजन न पूछय बात।।

कि कहब माधव वयसक संधि।
हेरइत मानसिज मन रहु बंधि।।

तइअओ काम हृदय अनुपाम।
रोपल कलस ऊँच कम ठाम।।

सुनइत रस-कथा थापय चीत।
जइसे कुरंगिनि सुय संगीत।।

सैसव जीवन उपजल बाद।
केओ नहि मानय जय अवसाद।।

विद्यापति कौतुक बलिहारि।
सैसव से तनु छोडनहि पारि।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »