...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

26 जन॰ 2022

तातल सैकत वारि विन्दु सम सुत मित - विद्यापति

तातल सैकत वारि विन्दु सम सुत मित रमणि समाजे,
तोहे बिसरि मन तोहे समर्पल अब मझु हब कोन काजे।

माधव हम परिणाम निराशा,
तुहुँ जगतारण दीन दयामय अतए तोहर विसबासा।

आध जनम हम नीन्द गमाओल जरा शिशु कतदिन गेला,
निधुबन रमणी रसरंग मातल तोहे भजब कोन बेला।

कत चतुरानन मरि मरि जाओत न तुअ आदि अवसाना,
तोहे जनमि पुनि तोहे समाओत सागर लहरि समाना।

भनइ विद्यापति शेष शमन भय तुअ विनु गति नहि आरा,
आदि अनादिक नाथ कहाओसि अब तारण भार तोहारा।

रचनाकार : विद्यापति

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »