भोर भोरआएल छी बूलिभोरे भोर अएल छी धङिक’ आएल छी अनुभवपुलकित होइत छइ रोम रोमस्पर्शक प्रतापेँ कोना कोनाभोर भोरपैरक दुहू तरबाह ग‘ह ग‘ह द’नेआएल छी पोबिमाधो आकाशक हेमाल ओसभोर भोरआएल छी बूलिदुबिआही लॉनमेँ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !