...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

15 मई 2016

सीतामढ़ी : जतय आयो रहय छथि माता सीता

मिथिला धरोहर, सीतामढ़ी : भगवान राम के धर्म पत्नी सीता के जन्म और समाधि सँ जुड़ल दु टा स्थान अछि, एहि दुनु स्थान के सीतामढ़ी ( Sitamarhi, Sita Janm Sthan ) के नाम सँ जानल जाइत अछि। एकटा सीतामढ़ी मे माता सीता जन्म लेने छलथि आ दोसर भूमि मे समाधि लेने छलीह। जाहि सीतामढ़ी मे भगवती जन्म लेने छलखिन, ओहि जिला के आय माता सीता के नाम सँ जानल जाइत अछि। एत्य के लोगक माननाय अछि जे माता सीता आयो एतय निवास करय छथि और अपन भक्त के सहायता करय छथि। 
माता सीता केर प्रतिमा, सीतामढ़ी, छवि साभार
कौना भेल छल माता सीता के जन्म
रामायण'क अनुसार, त्रेतायुग मे एक बेरा मिथिला नगरी मे भयानक अकाल पड़ल छल। बहुते साल तक बरखा नय भेला सँ परेशान राजा जनक जी पुरहितक सलाह पर अपने सँ हर (हल) चलेबाक निर्णय लेलैथ। जेखन राजा जनक हर चला रहल छलथि तेखन धरती सँ मईट्ट के एकटा पात्र भेटल, जाहिमे सँ माता सीता शिशु अवस्था मे छलखिन। एहि स्थान पर माता सीता भूमि मे सँ जन्म लेने छलखिन, ताहिलेल एहि जगहक नाम सीतामढ़ी पैड़ गेल।

इहो पढ़ब :-

बीरबल दास केलैथ एतय मूर्ति के स्थापना
कहल जाइत अछि जे बहुते साल सँ इ जगह जंगल बनी गेल छल। एक बेरा लगभग पांच सौ साल पहिले अयोध्या मे रहय वला बीरबल दास नाम के एकटा भक्त के माता सीता अयोध्या सँ एतय एबाके प्रेरणा देलखिन। किछ समय उपरांत बीरबल दास एतय एला और ओ एहि बन-जंगल के साफ-सुथरा क के एहि स्थान पर मंदिरक निर्माण केलैथ और ओहिमे सीता जी केर मूर्ति स्थापित केलैथ।
पुनाओरा मंदिर, छवि साभार
संतान पेबाक लेल कैल जाइत अछि एतय स्नान
मिथिलांचल मे सीतामढ़ी नामक रेलवे स्टेशन और बस अड्डा सँ लगभग २ कि.मी. के दूरी पर माता सीता के जानकी मंदिर अछि। मंदिर के पाछु जानकी कुंड के नाम सँ एकटा प्रसिद्ध सरोवर अछि। एहि सरोवर के लके मान्यता अछि जे एहिमे स्नान केला सँ महिला के संतान के प्राप्ति होइत अछि।
पंथ पाकार, छवि साभार
पुनाओरा मंदिर:  माता सीता के जन्म स्थान
जानकी मंदिर सँ लगभग ५ कि.मी. के  दूरी पर माता सीता के जन्म स्थान अछि। एहि जगह पर पुनराओ मंदिर अछि। सीता जन्म के समय पर एतय बहुते भीड़ रहय अछि और भारी उत्सव मनायल जाइत अछि।

एहो पढ़ब :- 
हलेश्वर मंदिर, छवि साभार
माता सीता के विवाह सँ जुड़ल पंथ पाकार
सीतामढ़ी नगर के उत्तर-पूर्व दिशा मे लगभग ८ कि.मी. दूर पंथ पाकार नाम के प्रसिद्ध जगह अछि। इ जगह माता सीता के विवाह सँ जुड़ल अछि। एहि जगह पर एकटा बहुते ही प्राचीन पीपरक गांछ एखनो अछि, जेकर नीचा पालकी बनायल गेल अछि। कहल जाइत अछि जे विवाह के उपरांत माता सीता पालकी मे जा रहल छलखिन तखन किछ समय के लेल एहि गांछक निचा आराम केने छलखिन।

भगवान शिव के हलेश्वर मंदिर
सीतामढ़ी के उत्तर-पश्चिम दिशा मे लगभग तीन कि.मी. के दूरी पर हलेश्वर शिव मंदिर अछि। हिनका हलेश्वर नाथ मंदिर सेहो कहल जाइत अछि। मान्यता अछि जे एक समय पर विदेह नाम के राजा एहि शिव मंदिर के निर्माण पुत्रयेष्टि यज्ञ के लेल करवेने छलखिन।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू