अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
12 मई 2016
Home
/
Bishari Geet
/
Maithili Lokgeet
/
Maithili Song Lyrics
/
पियरी अँचरी विषहरि नामी-नामी केश लिरिक्स
पियरी अँचरी विषहरि नामी-नामी केश लिरिक्स
Piyar anchari Vishahari nami nami kesh
पियरी अँचरी विषहरि नामी-नामी केश
घुमइत आबय विषहरि तिरहुत देश
तोहरो सिंगार विषहरि लाबा आर दूध
हमरो सिंगार विषहरि गोदी भरि पूत
तोहरो सिंगार विषहरि अड़हुल फूल
हमरो सिंगार विषहरि सिर के सिनूर
फल मध्य गुअबा, नबेद मध्य पान
देवी मध्य विषहरि, दोख नहि जान
(2)
पियरी अँचरी विषहरि के नामी-नामी केश ।
घुमइत एली विषहरि तिरहुत देश ।
तोहरो सिंगार विषहरि लाबा आ दूध ।
हमरो सिंगार विषहरि सिर के सिन्दूर ।
तोहरो सिंगार विषहरि अड़हुल फूल ।
हमरो सिंगार विषहरि कोर भरि पूत ।
फल बीच गुअबा नैवेद्य बीच पान ।
देवी बीच विषहरि मैया दोसर नहि आन ।
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2016/05/sita-birth-place-sitamarhi.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/11/unchi-re-atariya-par-vishahri-maay.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !