...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🌙
✨ आगामी त्यौहार
चौरचन पूजा तिथि और पूजा मंत्र
📅 सितम्बर 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

19 अप्रैल 2018

उत्तरायनी गंगा केर बीच में विराजित छथि भागलपुर केर अजगैवीनाथ महादेव

मिथिला धरोहर : भागलपुर सँ २६ कि०मी० पश्चिम में सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ ( Ajgaibinath Mahadev, Bhagalpur,  Sultangang ) अंग जनपदक महत्वपूर्ण स्थल अछि। प्रागौतिहासिक काले सँ अहिके उल्लेख भेटय अछि। पुराण सँ लऽ कऽ महाकाव्य धरि अंग जनपदक वर्णन भेटय अछि। सन ९३८ में ह्वेन शांग नामक चीनी यात्री अपन यात्रा वृतांत में अहिके वर्णन केने अछि।
अजगैवीनाथ नाथ धाम गंगा अवतरण सँ संबद्ध  अछि। अहि ठामक पहाड़ पर जाह्नु ऋषि के आश्रमक उल्लेख पुराण में अछि। आय यैह पहाड़ अजगैवीनाथ पहाड़क नाम सँ जानल जाइत छैक। कहल जाइत छैक जे शिव मुनि सँ प्रसन्न भऽ अजगव नामक धनुष हुनका प्रदान केने छलथि। अजगव धनुष अहि आश्रम सँ भेटबाक कारणे हिनक नामांकरण अजगैवीनाथ पहाड़ी पड़लनि।

पौराणिक कथा
एहन मान्यता अछि जे जहन भागीरथ के प्रयास सँ गंगा के स्वर्ग लोक सँ पृथ्वी पर अवतरण भेल छलनि तऽ ओहि समय हुनक वेग बहुते तेज छलनि। भागीरथ के रथक पाछु पाछु बहैत जहन गंगा सूल्तानगंज पहुंचलनि तऽ एकटा पहाड़ पर स्थित जाह्नु ऋषि केर आश्रम के भसा (बहा) कऽ लऽ जेबाक लेल ऐर गेलथि। अहिसँ जाह्नु ऋषि बहुते क्रोधित भऽ गेला और अपन तपो बल सँ गंगा के अपन आंचुर (चुल्लू) में उठा कऽ पी गेलथि। फेर भागीरथक बहुते आग्रह केला पर जाह्नु ऋषि किछु नरम भेलथि और अपन जांघ के चीर कऽ गंगा के बाहर निकालथि। जाह्नु मुनि केर जंघा सँ निकलबाके कारण गंगा केर नाम जाह्नवी पड़लनी। 
दोसर पौराणिक कथा अछि जे जहन गंगा के स्वर्ग लोक सँ पृथ्वी लोक पर अवतरण भेल छलनि तऽ हुनकर गति के रोकबाके लेल भगवान शिव जी अपन जटा खोली के गंगा केर प्रवाह मार्ग में आबि के ठाड़ भऽ गेलथि। शिवजी के अहि चमत्कार के देखी कऽ गंगा ओतय सँ  गायब भऽ गेली। बाद मे देवता के निवेदन पर भगवान शिव अपन जाँघ के नीचा सँ गंगा के  बहय के मार्ग देलथि। यैह कारण छैक जे भारत वर्ष में केवल एतय पर गंगा उत्तरभिमुख भऽ के बहै छथि। भगवान शिव एतय स्वयं आपरूप सँ उत्पन्न भेल छलथि जाहि कारण ओ अजगवी महादेव कहेलखिन। 

एकटा आन कथाक अनुसार आदि काल में मन्दिरक कुनो महंथ अजगैबीनाथ मन्दिर सँ देवघर मन्दिर के जोड़य बला भूमि के नीच्चे सँ एकटा गुप्त मार्ग बनेने छलथि। अहि गुप्त मार्ग सँ भऽ के ओ प्रति दिन देवघर केर बाबा बैद्यनाथ के मन्दिर में जल चढ़ेबाक लेल प्रति दिन जाय छलथि। ओहि गुप्त मार्ग के पता लगेबाक लेल आधुनिक इंजीनियर बहुते प्रयास केलक, मुदा ओ सफल नै भेल। अहि गुप्त मार्गक दरबाजा आइयो भी मन्दिरक पास स्थित अछि।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू