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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

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30 नव॰ 2022

बगिया मिथिलाक पारंपरिक पकवान - Bagiya Traditional Dish of Mithila

मिथिला अपन विभिन्न तरहक खान-पान लेल जानल जाइत अछि। ओहि मे एकटा खास पकवान अछि बगिया जे मुख्य रूप सं पूस मास मे बनायल जाइत अछि। विशेष रूप सं नबका तैयार भेल चाउरक आटा और गुड़ सं बनय बला इ पकवान सुपाच्य होयबाक संगे स्वास्थ्य के लेल सेहो बहुते फायदेमंद होइत अछि। इ एकटा एहन पकवान छै, जाहिमे नै त कुनो तरहक तेल लागैत छैक। आ नै नून। एकरा गरम पाइन मे उबाइल क बनाओल जाइत अछि।

ओना त बगिया मुख्य रूप सं चाऊरक आटा और गुड़ सं तैयार होइत अछि। मुदा आब एकरा औरो दोसरो तरीका सं बनायल जाइत अछि। जाहिमे दूध सं तैयार होय बला बगिया सेहो अछि जेकरा दूध बगियाक नाम सं जानल जाइत अछि। एकर अलावा आब गुड़ आ तीसी, दाइल द के सेहो बगिया तैयार होमय लागल ऐछ। हालांकि सब तरहक बगिया के गर्म पइने मे उसैन क तैयार कैल जाइत अछि।
दूध बगिया बनेनाय बहुते आसान छै। चाउरक आटा के गूंथनाय अछि। फेर ओकरा बगियाक आकर देनाय अछि। फेर खौलैत दूध मे पकेनाय अछि। एक तरहे और बगिया बनैत अछि, चाउरक आटा के गूंइथ लिअ। चना दाइल के उसैन क ओहि मे मसाला आदि मिला क स्टफिंग क लेल तैयार क लेनाय अछि। चाउरक आटा के लोइ बना क ओहि मे स्टफिंग केनाय अछि फेर खौलैत पइन मे उबाइल लेनाय अछि।

इहो पढ़ब :-

मिथिला मे नव जनमल बच्चा के लेल पूसक महीना मे बगिया सं एकटा विशेष बिद्ध कैल जाइत अछि, जकरा पुसठ कहल जाइत अछि। इ ओहि बच्चाक लेल होइत अछि, जेकर जिनगी मे पहिल बेरा पूसक महीना आबैत अछि। घरक स्त्रीगण कुनो एक दिन बगिया बना क ओहिसं बच्चाक गाल, हाथ आ तरबा के सेकय छथि। एहन मान्यता छै जे इ केला सं बच्चा के चर्म रोग नै होइत छै। मुंह मे चमक आबय अछि। बिद्ध बला दिन गांव-समाज मे बगिया सेहो बांटल जाइत अछि। 

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