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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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3 सित॰ 2023

दुख हरू महादेव करू कृपा लिरिक्स - Dukh Haru Mahadev Lyrics

Dukh Haru Mahadev Karu Kripa Lyrics in Hindi

दुख हरू महादेव, करू कृपा, 
हम द्वार अहाँ के आयल छी 
हे करुणाकर कि कहुँ अहाँ के, 
हम भरि जग सँ ठुकरायल छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा, 
हम द्वार अहाँ के आयल छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा

सबके आशा छोड़ी के बाबा, 
अहि के शरण में आयल छी, 
कतैक कहुँ अपन दुख भोला, 
दुनियां में भुतियायल छी
हम जग सँ बाबा हाइर गैलो, 
हम जग सँ शिव यौ हाइर गैलो, 
हम माया में ओझरायल छी
दुख हरू महादेव, करू कृपा, 
हम द्वार अहाँ के आयल छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा

नहि अछि कियौ मूर्ख हमरा सन 
पापी हम अज्ञानी छी, 
अहिं तऽ सबके पार लगेलों, 
तीनों लोक के स्वामी छी
दिय दर्शन महादेव आय अहाँ,
दिय दर्शन महादेव आय अहाँ,
हम दर्शन के अभिलाषी छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा, 
हम द्वार अहाँ के आयल छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा

अशरण शरण सकल जग जाहिर, 
बाबा अहाँ के नाम यो,
एक बेर नजर तऽ फेरू महादेव,
किये भेलों अकान यो 
होऊँ अहाँ प्रसन्न शिव हमरा पर, 
होऊँ अहाँ प्रसन्न शिव हमरा पर, 
दरबार में हम तऽ आयल छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा, 
हम द्वार अहाँ के आयल छी 
दुख हरू महादेव, करू कृपा

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