अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
1 अप्रैल 2018
कमल कर गहि कमलवर्णी लिरिक्स
कमल कर गहि कमलवर्णी,
कमल कोर बिच शोभिता
सिंह उपर एक कमल राजित,
ताहि ऊपर भगवती
दाँत खटखट, जीह लह,
सोने दाँत मढ़ाबिती
असुर धय धय, खप्परि भरि भरि,
शोणित पिबति माँ कालिका
हेमन्त पति के इहो निवारण,
नाम थिक देवी कुमारिका
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