अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
16 जन॰ 2020
सखि हे, आज जाएब मोहि - विद्यापति
सखि हे, आज जाएब मोहि।।
घर गुरूजन-डर न मानब,
वचन चूकब नाहि।
चाँदन आनि-आनि अंग लेपब,
भूषण कए गजमोती।
अंजन विहुँन लोचन-युगल धरत धवल जोती।
धवन बसनें तनु झपाओब गमन करब मन्दा।
रचनाकार : विद्यापति
Tags
Vidyapati Geet
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/09/hatlo-ne-manay-tripurari-ho-vipatti-bad.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2020/01/samdauan-maithili-lokgeet.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
Tags:
Vidyapati Geet
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !