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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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24 जून 2015

एते दिन बाजय कोइली भोर भिनसरबा लिरिक्स | Ate din baje koili lyrics, कोहबर लोकगीत

Ete Din Baajay Koili Bhor Bhinsarba Lyrics

एते दिन बाजय कोइली भोर भिनसरबा, 
आइ किए बाजय आधी राति हे
कोइली सबद सुनि पिया मोरा जागल, 
तखने चलल परदेश हे
घरसँ बहार भेली सुहबे से कनियां सुहबे, 
धय लेल पिया के पछोर हे
अपने तऽ जाइ छी पिया देश रे विदेशबा, 
हमरो के कहाँ छोड़ने जाइ हे
नहिरा मे छथि धनि माय-बाप-भइया, 
सासुरमे लक्ष्मण दिओर हे
अपना लेल छथिन प्रभु माय-बाप भइया, 
अपना लेल लक्ष्मण दिओर हे
अहीं तऽ पिया सींथक सिन्दूर हमार, 
अहीं प्रभु सोहरो सिंगार हे

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