...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

21 जन॰ 2016

रहि-रहि कऽ जिया ललचाय हो लिरिक्स - मैथिली कीर्तन

रहि-रहि कऽ जिया ललचाय हो, 
मुरलिया के धुन सुनि
मुरलिया के धुन सुनि, बसुरिया के धुन सुनि, 
रहि-रहि कऽ जिया ललचाय हो, 
मुरलिया के धुन सुनि...

ब्रह्मा त्यागल ब्रह्मलोक केँ, 
शिवजी तेजल कैलाश हो
राजा छोड़ल राजपाट केँ, 
रानी छोड़ल शृंगार हो, 
मुरलिया के धुन सुनि ...

गइया छोड़ल घासो चरब, 
बछडू छोड़ल हुंकार हो, 
मुरलिया के धुन सुनि...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »