अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
7 जन॰ 2016
विषहरि विषहरि, करे छी पुकार लिरिक्स
Vishahari Vishahari kare chhi pukar
विषहरि विषहरि, करे छी पुकार
कतहुँ ने देखै छी, जननी हमार
तेल दे रे तेलिया भइया, दीप दे कुम्हार
बाती दे रे पटबा भइया, लेसू प्रहलाद
नाव दे रे मलहवा भइया, घरू करूआर
जायब सरोवर-पार होइए अबेर
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