Vishahari Vishahari kare chhi pukarविषहरि विषहरि, करे छी पुकारकतहुँ ने देखै छी, जननी हमारतेल दे रे तेलिया भइया, दीप दे कुम्हारबाती दे रे पटबा भइया, लेसू प्रहलादनाव दे रे मलहवा भइया, घरू करूआरजायब सरोवर-पार होइए अबेर
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