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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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26 सित॰ 2025

अंगना में आईब गेली दुर्गा भवानी लिरिक्स - Angna Mein Aabi Geli Durga Bhawani Lyrics

अंगना में आईब गेली दुर्गा भवानी
मगन भेल इ आय मिथिला के धरती

बहुत जतन सं हम कलश बैसेलियै,
नारियल संग आम्र पल्लव लेलियै,
रंग बिरंगक फूल लोड़ल'लियै,
सजाय लेलियै हम अड़हुल फूलक डाली,
मगन भेल इ आय मिथिला के धरती...

मईट सनलियै हम शिव जी बनेलियै,
मैय्या के संग हम शिव के पूजलियै,
अक्षत चंदन गंगा जल चढ़ा के,
मनाए लेलियै मैय्या भोला के भोरे,
मगन भेल इ आय मिथिला के धरती...

लाले लाल धागा में माला बनेलियै,
मैय्या के गर्दैन में माला पहिरेलियै,
भोग लगाय मा के धूप देखेलियै,
सजाए लेलियै आय लाले रंग चुनरी,
मगन भेल इ आय मिथिला के धरती

तेसर नयन में 'प्रदीप' देखलियै,
त्रिशूली ऊपर में जयंती चढेलियै,
मह-मह भेल सुगन्धित मंदिर,
नमन गेलियै आय मैय्या के बेरी,
मगन भेल इ आय मिथिला के धरती..

गीतकार : मैथिली पुत्र 'प्रदीप'
गायक : राम बाबू झा, पायल मुखर्जी

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