...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

17 जुल॰ 2014

दोहाइ हे इन्द्र महाराज! - वैद्यनाथ मिश्र यात्री


उपजत
मोनक खेतमेँ
अगबे कुंठाक फसिल

लागत
सृष्टिक क्रम-पात
आद्यनत बिल्कुल जटिल

झहरत
राति - दिन, सदक्षण
निराशाक कारी - कारी मेघ

लटकत
बढ़ल जाएत नहू - नहू
आवंछित असफलताक घेघ

मिझैत
प्रीतिक मधूर आँच
भेल जाएत सुरूचि नष्ट

मेटैत
बढ़िमका रेख तरहत्थीक
बढ़ल जाएत नानाविध कष्ट

सूझत
हँ, आन किच्छु टा नहि
भासित हैत मात्र त्रास - महात्रास

बूझत
सगरो जहान मतिक्षिप्त
मूह दूसत धुआँठल आकाश

ससरत
दोहाइ हे इन्द्र महाराज!
हिलाउ जुनि अपन कुंडल

उनटत
उनटित जाएत सरिपहुँ
हमरा लेखेँ समग्र भू—मंडल

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »