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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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3 अप्रैल 2017

पूनम मिश्रा जीवन परिचय | Poonam Mishra Maithili Singer Bio

मधुबनी। एखन धरि सैकड़ों मैथिली मंच पर अपन गायनक लोहा मना चुकल छथि। पांच दर्जन सँ बेसी एलबम निकैल चुकल छथि। एकटा मैथिली फिल्म मे सेहो अभिनय के प्रतिभा देखा चुकल छथि। इ और कियो नय मधुबनी जिल के मनपौर निवासी पूनम मिश्र छथि। येह नय आब पूनम हिन्दी भक्ति गायनक क्षेत्र मे सेहो अपन कदम एकटा एलबम करूणामयी राधे के संग राखी चुकल छथि।

इहो पढ़ब:-
पूनम मिश्रा गरीब परिवार सँ आबय छथि। पिता रोहित नाथ मिश्र गायन कऽ और किछु खेती-बारी कऽ अपन परिवारक गाड़ी के चलाबय छलथि। बेटी पूनम पिता के संगे गायनक रियाज करय छलथि। पूनम मिश्रा धीरे-धीरे परंपरागत मैथिली लोकगीतक गायन अपन पिता सँ सीखली। शुरूए सँ हिनका कण्ठ मे मधुर आवाज छल। पिता के सानिध्य मे रहिके विभिन्न कार्यक्रम मे जेनाय शुरू कऽ देलथि। एहि दौरान अनेको कलाप्रेमि पूनम के उत्साहित केलैथि। पूनम मिश्रा महज छह सालक उम्र मे गायनक क्षेत्र मे मंचासीन भेलि। ताहिके उपरांत पाछु घुमी के नय देखलथी। शुरू मे पूनम परंपरागत मैथिली लोक गीत पर ध्यान देलथि, बाद मे अनेको तरहक मैथिली गीतक गायन केलथि। वर्तमान मे मैथिली के अलावा भोजपुरी गीत पर सेहो निक पकड़ अछि। संघर्षक बल पर पूनम एकटा मैथिली फिल्म 'जेहने साउस तेहने पुतोहु' मे सेहो सफल अभिनय कऽ चुकल छथि। हिनक पांच दर्जन सँ बेसी विवाह, उपनयन, मुंडन आ दोसर अवसर पर गायल जाय वला गीत के एलबम बना चुकल छथि।  शारदा सिन्हा के प्रेरणा स्रोत मानय छथि। पति शंकर कुमार झा केर सहयोग सँ हिन्दी भक्ति गायन क्षेत्र मे कदम रखलि, आय अपन कैसेट कंपनी सेहो बना चुकल छथि। गायन विधा के चर्चित कलाकारक अलावा शिक्षिका सेहो छठि। बच्चा के पढ़ेवा मे हिनका आनंद आबय छनि। ओतय लड़कि सभ के संगीत सेहो सीखा दय छथि।

इहो पढ़ब:-
पूनम जी बहुते पुरस्कार सेहो प्राप्त क चुकल छथि। जाहिमे मिथिला महोत्सव, चंपारण महोत्सव, केसरिया महोत्सव आदि प्रमुख अछि। ओतय दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इंदौर, रांची, जमशेदपुर आदि जगह पर मैथिली गायनक क्षेत्र मे अपन पहचान बना चुकल छथि।



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