Naak Pakarba Kaal Ke Geet Lyrics
माइ हे नासिका दबाइ बरकेँ Lyrics
माइ हे नासिका दबाइ बरकेँ जाँचू बहिनामाइ हे योगी छथि की भोगी, से हम बुझबनि कोना
वस्त्र बहार कए देखू बहिना
माइ हे हाथ पयर निकालि कनी जाँचू बहिना
हाथ सोझ छनि कि टूटल, देखू बहिना
चलाय - फिराय वरकेँ देखू बहिना
माइ हे चलै छथि कि नाँगर, से देखू बहिना
माइ हे हँसाय - बजाय हिनका देखू बहिना
माइ के पंडित छथि कि बकलेल, जाँचू बहिना
दुर्गा सन गौरी छथि सुन्दर
दुर्गा सन गौरी छथि सुन्दरतिनका वर भेलखिन जोगी हे
पानक पात लए नाक पकड़बनि
नाक देबनि हम तोड़ि हे
हमरा गोरी दिस दृष्टि घुमयता
नयना देबनि हम फोड़ि हे
गरदनिमे चादरि लगएबनि
गरदनि देबनि हम तोड़ि हे
बसहा बरद सन मंडप घुमयबनि
करता कहथिन जे गौरी हे
दुर्गा सन गौरी छथि सुन्दर
तिनका वर भेलखिन जोगी हे

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