अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
21 जून 2023
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द्वार के छेकाई नेग पहिले चुकययौ - Dwar Ke Chakai Lyrics
द्वार के छेकाई नेग पहिले चुकययौ - Dwar Ke Chakai Lyrics
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
ससुर के कमाई देलहा बहिनी के दियौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
साला के कमाई देलहा बहिनी के दियौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
बहुत दिनसँ हम असरा लगेलियै
आजु असरा दियौ ने पुराय
हे दुलरुआ भैया
कोहबर लिखाई पहिले भौजी से लेबै
हे दुलरुआ भैया
तब दी हऽ अपन कमाई
हे दुलरुआ भैया
रतियो के खुशिया हम आज मनयबय
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
द्वार के छेकाई नेग पहिले चुकययौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
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