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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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21 जून 2023

द्वार के छेकाई नेग पहिले चुकययौ - Dwar Ke Chakai Lyrics

द्वार के छेकाई नेग पहिले चुकययौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
ससुर के कमाई देलहा बहिनी के दियौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया

साला के कमाई देलहा बहिनी के दियौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
बहुत दिनसँ हम असरा लगेलियै
आजु असरा दियौ ने पुराय
हे दुलरुआ भैया

कोहबर लिखाई पहिले भौजी से लेबै
हे दुलरुआ भैया
तब दी हऽ अपन कमाई
हे दुलरुआ भैया
रतियो के खुशिया हम आज मनयबय 
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया
द्वार के छेकाई नेग पहिले चुकययौ
हे दुलरुआ भैया
तब जयऽ हऽ कोहबर अपन
हे दुलरुआ भैया


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