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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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16 नव॰ 2018

बाबा बैद्यनाथ कहाबी से सुनि शरण मे एलउ ना - मैथिली पुत्र प्रदीप (प्रभुनारायण झा)

बाबा बैद्यनाथ कहाबी से सुनि शरण मे एलउ ना।

बहुत भरोस लए के एलउ चरण मे, कनडेरियो हेरब ना। 
नहि तऽ माँ जगदम्बा के संगहि हम बसहा घेरब ना।

त्रिशुल बाघम्बर झारी, तेजि कए महल अंटारी बन मे एलउ ना।
बाबा, छोड़ल छप्पन भोग अहाँ नित भाँग चिलबेलउ ना। 

दुतियाक शोभए चन्ना सिर पर सुरसरि गंगा भक्तक कारण ना।
बाबा कयलहुँ ताण्डव नृत्य डमरु सँ वेद उच्चारण ना।

अहाँक चरण तेजि ककरा निहारी सहलहुँ बहुत प्रतारण ना।
बाबा दीन 'प्रदीपक' वेदन सुनियो हमर निवेदन ना।

रचनाकार: मैथिली पुत्र प्रदीप (प्रभुनारायण झा)

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