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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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23 सित॰ 2024

श्यामा गजब शहर दरभंगा लिरिक्स - Shyama Gajab Sahar Darbhanga Lyrics

श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,
हे श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,
हे मैया आहाँ बिराजी ना,
हे श्यामा आहाँ बिराजी ना,
श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,

बीच राज में मंदिर चमकै,
धूप गुगुल सँऽ अंगना गमकै,
हाँ बीच राज में मंदिर चमकै,
धूप गुगुल सँऽ अंगना गमकै,
कंकाली कहाबी ना,
हे मैया कोयलख वाली कहाबी ना,
हे श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,

कियो लेने अँचरी, कियो लाल चुनरी,
कियो गाबे कजरी, कियो गाबे ठुमरी,
हाँ कियो लेने अँचरी, कियो लाल चुनरी,
कियो गाबे कजरी, कियो गाबे ठुमरी,
हम की कहि सुनाबी ना,
हे मैया हम की कहि सुनाबी ना,
श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,

नवरात्रा के धूम मचल छै,
विक्की श्रीशक गीत बजै छै,
हाँ नवरात्रा के धूम मचल छै,
मुकेश मनीषा भजन गबै छै,
अरविन्द गाबि सुनाबी ना,
हे श्यामा हम गाबि सुनाबी ना,
हे श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,
हे श्यामा आहाँ बिराजी ना,
हे श्यामा आहाँ बिराजी ना,
श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना,
हे श्यामा गजब शहर दरभंगा, 
जाहि में आहाँ बिराजी ना।

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