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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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30 अक्टू॰ 2019

बिधना के लिखल नै जनलौ लिरिक्स - Vidhna Ke Likhal Nai Jaanlau Song Lyrics

बिधना के लिखल नै जनलौ दुःख में माँ कानैत रहलौ 
बिधना के लिखल नै जनलौ दुःख में माँ कानैत रहलौ 
हे दुर्गे मईया बेटा के कहिया कोर लगेमें गे मै
हे श्याम मईया, बेटा के कहिया दरसन देमें गे मै

तरसै यै नैनक तारा, दोसर नै ऐछ सहारा,
तरसै यै नैनक तारा, दोसर नै ऐछ सहारा
हे श्याम मईया, बेटा के कहिया तुं दुलरेममें गे मै
गे दुर्गे मईया, बेटा के कहिया कोर लगेमें गे मै

माँ हम ककरा कहबै, ककरा सं रुसबै बजबै,
हे माँ हम ककरा कहबै, ककरा सं रुसबै बजबै
हे अम्बे मईया, बेटा के कहिया लालसा पुरेमें गे मै
गे दुर्गे मईया, बेटा के कहिया कोर लगेमें गे मै

हे भटय छी तोरे द्वारे, आबो शरण मे लऽ ले
माँ भटय छी तोरे द्वारे, आबो शरण मे लऽ ले
हे काली मईया, बेटा के कोना तुँ बिसरेमें गे मै
गे दुर्गे मईया, बेटा के कोना तुँ बिसरेमें गे मै

दुखड़ा ई सचिदानंदक, विनती ई सुनु अरविंदक्
दुखड़ा ई सचिदानंदक, विनती ई सुनु अरविंदक्
हे श्याम मईया, बेटा के कहिया सुधि तुँ लेमें गे मै
गे दुर्गे मईया, बेटा के कहिया कोर लगेमें गे मै
बिधना के लिखल नै जनलौ, दुःख में माँ कानैत रहलौ 
बिधना के लिखल नै जनलौ, दुःख में माँ कानैत रहलौ 
हे दुर्गे मईया, बेटा के कहिया कोर लगेमें गे मै
हे श्याम मईया, बेटा के कहिया दरसन देमें गे मै

गीतकार: सचिदानन्द झा
स्वर: अरविंद सिंह

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