अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
21 जन॰ 2015
कहु कहु घनश्याम, अपने के कीये अछि नाम लिरिक्स Kahu Kahu Ghanshyam Lyrics
कहु कहु घनश्याम, अपने के कीये अछि नाम
कोना आबि गेलहुँ मिथिला नगरिया मे
अहाँ के बाबू बड़ अनबूझ, सासुर कयलनि बड़ी दूर
चलऽमे भेलहुँ चूरमचूर, कने बैसि लिअ जनकजी के फुलबरिया मे
दुर्गानन्द कहथि कलजोड़ि, कनेता ई नयना खोलि
सखि सब करत किलोल महलियामे
कोना आबि गेलहुँ मिथिला नगरिया मे
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Maithili Lokgeet
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