अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
21 अग॰ 2015
Home
/
Udasi Geet
/
जखनहि रामचन्द्र चलला अवध सँ लिरिक्स - मैथिली उदासी गीत Jakhan Ramchandra Chalala Avadh Sa
जखनहि रामचन्द्र चलला अवध सँ लिरिक्स - मैथिली उदासी गीत Jakhan Ramchandra Chalala Avadh Sa
जखनहि रामचन्द्र चलला अवध सँ,
संग भेल लछुमन भाइ
सगुनक पोथिया उचारू भइया लछुमन,
कते दिन लिखल बनवास
कय दिन केर एक रे महिनमा,
कय बरस लिखू बनवास
तीसहि दिन केर एक रे महिनमा,
बारह बरस लिखू बनवास
एक तऽ बैरिन भेल बीध विधाता,
दोसर कैकेयी माय
तेसर बैरिन भेल इहो रे पंडित,
तीनू मिलि देल बनवास
भनहि विद्यापति गाओल उदासी,
राम के लिखल बनवास
जखनहि रामचन्द्र चलला अवधसँ,
सुन्न भेल दशरथ धाम
Tags
Udasi Geet
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/11/ghuri-ghuri-ghuri-takiau-baat-ek-suniau.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/nabi-re-kobarawa-ke-rango-nai-lyrics.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
Tags:
Udasi Geet
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !