चरखा काटय काल के गीतकौने बाबा जयता आनन्द वन, ओ जे लयता सोना के चरखा हेकोन-कोन दाइ कटती मेही सूत, कोने बाबू होयता ब्राह्मण हेअपन बाबा जयता आनन्द वन, ओ जे लयता चरखा हेअपन दाइ मे ही सूत काटती, ओ जे फल्लां बरुआ होयता ब्राह्मण हेइहो पढ़ब :- » शारदा सिन्हा मैथिली विवाह गीत » विद्यापति मैथिली भगवती गीत लिरिक्स
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