अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
10 दिस॰ 2015
शबरीक द्वार सँ चलल रघुनन्दन लिरिक्स - मैथिली उदासी गीत
शबरीक द्वार सँ चलल रघुनन्दन,
शबरी खसल मुरछाइ
कल जोड़ि मिनती करै छी रघुनन्दन,
नैना सँ झहरय नोर
अनघन भूषण वसन नहि हमरा,
किए लय करब बिदाइ
एहन चरण राजा कहाँ हम पायब,
राखब हृदय लगाय
भनहि विद्यापति सुनू हे रमापति,
लीखल मेटल नहि जाय
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