गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

बाँहि मे रहू ने रहू लिरिक्स - Banhi Me Rahu Ne Rahu Lyrics


बाँहि मे रहू ने रहू 
आँखि मे रहू 
दुनिया मे चारि दिन जे रहू 
सामने रहू 

छी फूल अहाँ माटिक 
हक आदमीक हो 
भँवरा के अहाँ सदिखन 
फटकारने रहू 

आँगन मे तोरा राखब 
गोबर सँ ठांव द 
माथ पर रहू तँ रहू
बामने रहू 

हम लौल-चौल खूब करब 
आओर कहब जे-से 
हमरा पियास धरि कैं 
परतारने रहू

हम बैसि जैब नहि तँ 
अपने सँ रुसि कऽ
कहता 'रविन्द्र' हॅसि कऽ
लट-झार ने करू।


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