अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
26 मई 2017
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बाजय अवधमे बधैया हे, दशरथजी के द्वार लिरिक्स - राम जन्म सोहर
बाजय अवधमे बधैया हे, दशरथजी के द्वार लिरिक्स - राम जन्म सोहर
Baajay Avadhme Badhaiya He Lyrics
बाजय अवधमे बधैया हे, दशरथजी के द्वार,
आयल हमर रघुरइया है, दशरथ ।
अवध निवासी सभ आनन्द मगनमा
सोहर गबइत नाचय देहरी अँगनमा
आनन्दविभोर भेली मैया हे, दशरथ ।
राम के जनम सुनि उनटल नगरिया
केकरो ने चीन्है केओ दशरथ दुअरिया
खोलू-खोलू सोरी केवड़िया है, दशरथ ।
राजा लुटाबथि अनधन सोनमा
रानी लुटाबथि दूनू हाथक कँगनमा
भरि गेल निछावर अँगनमा हे, दशरथ ।
चलु चलु सखि आइ दशरथ दुअरिया
बचबाके देखब जुड़ायब नजरिया
लतिकासनेह पमरिया है, दशरथ ।
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