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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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25 मई 2017

जगत जननि अहाँ मिथिलाक धिया सिया लिरिक्स - Jagat Janani Ahan Mithilak Dhiya Siya

सीता माता के मैथिली गीत लिरिक्स

जगत जननि अहाँ मिथिलाक धिया सिया, 
धन्य धन्य मिथिलाक धाम माता मैथिली।।

मिथिलेक भूमि मध्य हमरो जनम भेल, 
तन मन हमर महान माता मैथिली।।

मिथिलेक सुरुजक भेटए किरिण नित, 
देथि इजोत सेहो चान माता मैथिली॥

मिथिलेक गुज - गुज राति अन्हरिया, 
मिथिलेक भोर आर साँझ माता मैथिली॥

गगन पवन सब मिथिलेक सुन्दर, 
एकरे सुखद अभियान माता मैथिली॥

युग - युग केर ऋण माथ धरब नित, 
अहँक चरण सुख धाम माता मैथिली॥

अहिँक कृपादृग ज्योति प्रदीपित, 
रहब सदय सिया - राम , माता मैथिली॥

गीतकार: प्रभुनारायण झा (मैथिली पुत्र प्रदीप)

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