पाहुन सिन्दूर लियऽ हाथ सोन सुपारी के साथसीता उधारि लियऽ माथ सिन्दूर लेबऽ लएबीति रहल अछि लग्नअहाँ धनुष कयलौं भंगसब छथि आनन्दमग्न आशीष देबऽ लएरघुवर शिर शोभनि मौर सीता सब दिन पुजथि गौरआजु पूजल हमर और नृपति होबऽ लएइहो पढ़ब :- >> शारदा सिन्हा मैथिली विवाह गीत >> सिर के सिंदूर रे गवानवा लिरिक्स
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