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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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21 अग॰ 2024

सुगना जे हमरी अटरिया, रे सजनियाँ लिरिक्स - Sugna Je Hamri Atariya Re Sajaniya Lyrics

सुगना जे हमरी अटारिया, रे सजनियाँ,
मीठे बोल बोलै ना।
मोरा आँगना रे पहुनमा अनमोल ऐलै ना॥1॥

नैन के कोठरिया में पुतरी पलंगिया,
हम बिछाय देबै ना।
डारि पलकन के चिकवा, पिया रिझाय लेबै ना॥2॥

जहिया से देखलौं सखि साँवरी सुरतिया,
सुधि भुलाय गेलै ना।
नेह नदिया में मनमा मोरा नहाय गेलै ना॥3॥

लोकवा के लाज सब प्रेम के अगनिया में,
जराय देलियै ना।
सब जग के जंजलवा विसराय देलियै ना॥4॥

मिटलै ‘करील’ सब चाह, छवि दुलहा,
हिया बसाय लेलियै ना।
प्रीति नदिया में ममता-लता, भँसाय देलियै ना॥5॥

लोक धुन। ताल दु्रत जलद तीन ताल

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