Tej Punj Nav Balika Sundar Divy Sharir
तेज पुंज नव बालिका सुन्दर दिव्य शरीर ।
देखि सिराओर मध्यमे भेला जनक अधीर ।।
देखि रूप मुर्च्छित सकल ज्योतिपुंज आकाश
कनक वरण तन तेजमय चहुदिस दिव्य प्रकाश ।।
अष्ट सखी सेवित सुखद रूपक राशि अतूल ।
शची शारदा इन्दिरा अगणित तेहि मुँह झूल ।।
विधि हरि हर सब सिद्धि जन वेद जोड़ने हाथ ।
गद्गद् हिय स्तुति करथि मिथिला भेल सनाथ ।।
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