अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
31 जुल॰ 2019
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बाटमे दौड़ी-दौड़ी सभसँ पुछथि गौरी - लिरिक्स
बाटमे दौड़ी-दौड़ी सभसँ पुछथि गौरी - लिरिक्स
Batme Dauri Dauri Sabhsan Puchhthi Gauri Lyrics
बाटमे दौड़ी-दौड़ी सभसँ पुछथि गौरी
कि आहो रामा, हमरो सदाशिव के केओ देखल रे की
देहमे भस्म लेपे, आठो अंग सर्प नाचे - 2
कि आहो रामा, भांग झोरी कँखिया झुलाबथि रे की - 2
हाथमे त्रिशूल शोभे, बघम्बर छाल शोभे - 2
कि आहो रामा, नाचि-नाचि डामरु बजाबथि रे की - 2
त्रिनेत्र ढ़ल-ढ़ल, गले बिच विष हलाहल - 2
कि आहो रामा, माथे पर जटा लटकाबथि रे की - 2
पिसैत छलहुँ भांगक गोला, रूसि गेलाह मोरो भोला - 2
कि आहो रामा, भवप्रीता चरण अरज लगाबथि रे की - 3
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