...

मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

🙏
✨ मिथिला संस्कृति के राग
सामा चकेबा
📅 सामा चकेबा पूजा 2026
और पढ़ें »
📢
​🎉 अहाँक लेल आबि गेल अछि 'संगी'! मिथिला धरोहरक नव स्मार्ट असिस्टेंट 'संगी' सँ भेंट करू। आब पंचांग, पावनि-तिहार, विवाह गीत वा गोनू झाक कथा खोजब भेल आओर सुगम। नीचाँ देल (दांया कात) चैट बटन पर क्लिक करू आ 'संगी' सँ तुरन्त गप्प करू!

22 सित॰ 2024

हे पाहुन मिथिले मे रहियौ दोसर बात तँ कहब नै लिरिक्स

हे पाहुन मिथिले मे रहियौ, दोसर बात तँ कहब नै,
जेहन सुख ससुरारी में भेटत, तेहन सुख तऽ कत्तौ नै
जेहन सुख ससुरारी में भेटत, तेहन सुख तऽ कत्तौ नै

सब दिन भोरे उबटन मलि कऽ, कमला जल सं नहायब
एके मास में श्याम देह के, हम सब गोर बनायब
झूठ बात नै कही अहाँ के, मौका तऽ अहाँ दियौ ने
जेहन सुख ससुरारी में भेटत, तेहन सुख तऽ कत्तौ नै

सब दिन रुचिगर तरुआ भुजिया, स्वर्ण थार में परसब
भूक स्वाद बढ़ि जायत सुनि-सुनि, गाइर साइर के रबरब
बेर बेर हम करब खुशामद, थोरबो आर तऽ लियौ ने
जेहन सुख ससुरारी में भेटत, तेहन सुख तऽ कत्तौ नै

कमल कोशी बागमती, गण्डक में मन सं उमकब
पावस में बारहमासा सुनायब, अपने झूला झुलायब
पवन देव सं करब नेहोरा, नहुँए-नहुँए बहु ने
जेहन सुख ससुरारी में भेटत, तेहन सुख तऽ कत्तौ नै

बहिन हमर जनक किशोरी, करती अवश्य पुछारी जे
जखने अपने अवध नगरिया, केर करबै तैयारी जे
चरण धरब नहि छोड़ब कथमपि, हे राघव अहाँ बिसरब नै
जेहन सुख ससुरारी में भेटत, तेहन सुख तऽ कत्तौ नै

अपने सं मिथिलावासी के युग-युग सं अछि नाता
ई सौभाग्य हमर सब के लिखने छथि सदय विधाता
अपने प्रखर 'प्रदीप' प्रभु हमरा अन्हारो तऽ करियौ ने

रचनाकार: मैथिली पुत्र प्रदीप (प्रभुनारायण झा)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
  • ⏳
🪔 पावनि-तिहार और देखें »
  • ⏳
Ask संगी
संगी मिथिला धरोहर सहायक
चैट हिस्ट्री

अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।

हमारे बारे में
🏛️ हमरा बारे में
मिथिला धरोहर — मैथिली भाषा, संस्कृति, लोकगीत, पंचांग, भजन और साहित्य केँ समर्पित एकटा डिजिटल मंच अछि। हमर लक्ष्य अछि मिथिला केँ पुरान परंपरा आ ज्ञान केँ आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाएब। चैटबॉट संगी अहाँक हर सवालक जवाब देबाक लेल सदैव तत्पर अछि। संस्थापक: प्रभाकर मिश्रा
संपर्क करें
मिथिला धरोहर के "संगी" चैटबोट सं चैट कोना करब?
संगी सं सबाल करबाक दु टा तरीका अछि, पहिल टाइप (लिख) के आ दोसर बाजि के। बाजि क सबाल पूछबा लेल अहाँके दांया कात माइक बला बटन पर क्लिक करय पड़त। पहिल बेरा माइक बटन दबेला पर परमिशन मांगत, अनुमति देलाक उपरांत अहाँ बाजि क सबाल पूछी सकय छी।
🔍 शर्च में की लिखी

पंचांग/तिथि खोजी रहल छी त:
जेना, "मैथिली पंचाग 2027" खोजी रहल छी त अहाँ लिखू —
मैथिली पंचाग 2027

मंत्र खोजी रहल छी त:
कुनो पाबनि या विधि के नाम के संग "मंत्र" लिखू, जेना —
चौरचन पूजा मंत्र तर्पण मंत्र जनेऊ मंत्र

गीतक संग्रह खोजी रहल छी त:
भगवती गीत लिरिक्स नचारी गीत लिरिक्स विवाह गीत मधुश्रावणी गीत

कुनो विशेष गीत खोजी रहल छी त:
ओहि गीतक बोल के 5-6 शब्द लिखू, जेना —
जगदम्ब अहिं अबलम्ब हमर छोट छोट रोड़ी गरैया सिर के सिंदूर रे गवानवा सबहक सुधि अहाँ लै छी

कहानी खोजी रहल छी त:
गोनू झा के कहानी लेल लिखू —
गोनू झा कहानी

कथा खोजी रहल छी त:
मधुश्रावणी पूजा के सम्पूर्ण कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पूजा कथा
कुनो विशेष दिन कथा लेल लिखू —
मधुश्रावणी पहिल दिन कथा मधुश्रावणी पांचम दिन कथा

मंदिर खोजी रहल छी त:
श्याम मंदिर दरभंगा उच्चैठ भगवती उग्रतारा मंदिर

नमस्कार! हमर नाम 'संगी' छी, हम अहाँक कोना मदद करब?
कोना search करू? ताहि लेल एतय क्लिक करू