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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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27 सित॰ 2024

सुनियौ हे दुर्गे माँ, सुनियौ भवानी लिरिक्स - Suniyau He Durge Maa Song Lyrics

सुनियौ हे दुर्गे माँ, सुनियौ भवानी,
सुनियौ ने हमर पुकार हे,
सुनियौ हे दुर्गे माँ, सुनियौ भवानी,
सुनियौ ने हमर पुकार हे,
घुरि घर हम नहि जायब जननी,
खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे सुनियौ ने हमर पुकार हे -2

लाले ई अरहुल, लाले पटोरे से,
लाले कुसुम बहुभाँति हे,
लाले ई अरहुल, लाले पटोरे से,
लाले कुसुम बहुभाँति हे,
सजल कमल दल आनल जननी,
कर जोरि सुत तोरे ठाढ़ हे,
माँ हे खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे सुनियौ ने हमर पुकार हे -2

चकमक आँगन, बहुविधि व्यंजन से,
लागल केहेन सचार हे,
चकमक आँगन, बहुविधि व्यंजन से,
लागल केहेन सचार हे,
करियौ ग्रहण ई माँ भेंट गरीबक,
आनल फूलक हार हे,
माँ हे खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे सुनियौ ने हमर पुकार हे -2

अजय अकाने माँ, अति अभिमानी से,
कानी पतित बताह हे,
अजय अकाने माँ, अति अभिमानी से,
कानी पतित बताह हे,
अधमक गलती माफ करू माँ,
करियौ ने जननी उद्धार हे,
माँ हे खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे सुनियौ ने हमर पुकार हे -2
सुनियौ हे दुर्गे माँ, सुनियौ भवानी,
सुनियौ ने हमर पुकार हे,
सुनियौ हे दुर्गे माँ, सुनियौ भवानी,
सुनियौ ने हमर पुकार हे,
घुरि घर हम नहि जायब जननी,
खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे खोलियौ ने अपन केबाड़ हे,
माँ हे सुनियौ ने हमर पुकार हे -4

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