सांझ भयो मुख दर्शन हे,सखि सुन्दर भवनमेके गाबथि के बजाबथि के आरती उतारथिहे सखि सुन्दर भवनमेसखि सब गाबथि गोपी सब बजाबथि,राधा आरती उतारथिहे सखि सुन्दर भवनमेसांझ भयो मुख दर्शन हे सखि सुन्दर भवनमेइहो पढ़ब:- • पारंपरिक मैथिली पराती गीत लिरिक्स• मैथिली समदाउन लोकगीत लिरिक्स
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