अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
26 अग॰ 2020
सांझे काली घर दीप लेसि लीअ हे लिरिक्स
सांझे काली घर दीप लेसि लीअ हे
गोर लागि लीअ हे
कथी केर दीप कथीए सूत-बाती
कथी केर तेल जरय सारी राती
सोना केर दीप पाटक सूत-बाती
सरिसो केर तेल जरय सारी राती
जरय लागल दीप झमकऽ लागल बाती
खेलय लगली संझा मइया चारू पहर राती
साँझे काली घर दीप लेसि लीअ हे
गोर लागि लीअ हे
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2020/08/sundar-nath-dham.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2020/08/ashok-paper-mill-darbhanga.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !