१. सीता के खोइंछा जखन - Maithili Lokgeet सीता के खोइंछा जखन खोलथिन ननदिया हे मने-मन मुसके सीता के खोइंछा मोहर लाल हे मने मन मुसके पीयर पीताम्बर साड़ी जे देलनि हे मने मन मुसके केहन दरिद्र घर बाबा भइया विआहल हे मने मन मुसके भउजी केर खोइंछा दूभि धान हे मने मन मुसकेइहो पढ़ब :-• बियाह सँ द्विरागमन धरिक मैथिली गीत• मैथिली सिंदूरदान गीत लिरिक्स• मैथिली भगवती लोकगीत लिरिक्स
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