सीता डोलीमे सबार, रामचन्द्र नीचा मे छथि ठाढ़ई नहि उचित विचार, अवधपुरमेसीता होउ ने बहार, कते करै छी सम्हारहोयत बिध-बेवहार, अवधपुर मेजगमग दीप जराउ, सखि सख मंगल गाउकौशल्या गूड़ खोआउ, अवधपुर मेआजु सोन लुटायब, अवधपुर मेइहो पढ़ब:-● मैथिली परिछन कालक गीत लिरिक्स● गौरी पूजब काल के मैथिली लोकगीत
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