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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

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28 दिस॰ 2017

मधुश्रावणी व्रत पाँचम दिनक कथा : महादेवक परिवारक कथा

पाँचम दिनक कथा
दंत कथा पर आधारित महादेवक परिवारक कथा
दक्षक यज्ञमे सतीकें प्राण त्यागलाक बाद दक्ष प्रजापति हिमालय रूपमे अवतार लेलनि । हुनका क्रमशः पाँच कन्या भेलथिन उमा, पार्वती, गंगा, गौरी आ सन्ध्या । एहि पाँचो कन्याक विवाह बेरा-बेरी महादेव सँ भेलनि ।
​उमा हिमालयक पत्नी मनाइनक पहिल पुत्री जखन पाँचे वर्षक भेलीह तखनहि महादेवकें वर रूपें प्राप्त करबाक कामनासँ तपस्या करबाक हेतु बन विदा भेलीह। माए मनाइन हुनको उमा कहिकें मना केलनि तथापि ओ चले गेलीह । तें हुनकर नाम उमा पड़ल । आठ वर्षक भेला पर महादेव हुनक तपस्या सँ प्रसन्न भ' हुनका सँ विवाह कए लेल । ई समाचार सुनि मनाइन बताहि जेकाँ करए लगली जे फूल सनक बेटीकें बुढ़वा वर लए गेल ।



 पार्वती
हिमालयकें दोसर बेटी पार्वती भेलथिन । हुनका बाढि उमे जकाँ छल । ओहो थोड़बे दिनमे विवाहक योग्य भ' गेलीह । पार्वती एक दिन फूल तोड़ए लेल सखी सभक संग कनक शिखर पर गेलीह । ओतए ओ एक गोट बूढ़ व्यक्तिकें देखल जकरा बड़का-बड़का पाकल केश, बड़का-बड़का दाँत छल । ओ बसहा पर चढ़ल डमरू बजबैत छल । पार्वती चीन्हि गेलीह जे ओ आन केओ नहि, साक्षात महादेव छथि । पार्वती सखी सभक मना केला पर ओकरा सभकें घर बिदाकए अपने महादेव संग बसहा पर चढ़ि चल गेलीह । सखी सब घर आबि मनाइनकें सब बात कहलनि । ओ अपन कपार झाँटय लगलीह जे हमरा कपारमे की लिखल अछि, जे एना भ' जाइत अछि किन्तु आब जे भ' गेल तकर कोन उपाय ।

• गंगा
हिमालयकें तेसर बेटी भेलखिन गंगा । ओहो जखन पैघ भेलखिन तखन एक दिन महादेव भिखारिक रूपमे आबि गंगाकें अपन जटामे नुकाए भागि गेलाह । मनाइन जखन ई बुझलनि तखन फेर माथ कपार झाँटय लगलीह; जे ई बुढ़वाक यैह धंधा छैक जे हमर बेटी सभकें चोरा कए लए जाइत अछि । तहियासँ गंगा सतत महादेवक जटामे रहए लगलीह ।

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