मिथिला में कनियाँक दुरांगमन काल जे परिछन होय छै तकर मैथिली लोकगीत● सीता डोलीमे सबार, रामचन्द्र नीचा मे● डोली लायल कहार, ताहिमे दुलहिन सबार● सुनू गे सखिया, अंगनामे एलै डोलिया● सोना के पलकिया सँ सीता के उतारू● सीता सहित रघुवर लागल दुअरिया हे● बापक राज आइ बिसरू सोहागिन● सीता आइ आयली अंगनमा हेनोट : उपर ललका बिंदी के आगू कनियाँ परिछन गीतक मुखड़ा अछि, अहाँ जे गीत पढबाक ऐछ कृपया ओहि पर क्लिक करू।एहो पढ़ब :-गौरी पूजब काल के मैथिली लोकगीतमिथिला में कियैक एतैक महत्वपूर्ण छैक कोहबर
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