सांझ दियऽ सांझ दियऽ जसुमति मइयाबीति गेल पहिल सांझकथी केर दीप कथीक सूत-बातीकथीक तेल जरायब सांझसोनाकेँ दीप पाटक सूत-बातीसरिसो केर तेल जरायब सांझजरय लागल दीप झमकय लागल बातीखेलय लगली संझा मइया सारी रातीइहो पढ़ब:- • पारंपरिक मैथिली पराती गीत लिरिक्स• मैथिली समदाउन लोकगीत लिरिक्स
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