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मिथिला धरोहर | मैथिली पंचांग 2026-27, मैथिली लोकगीत लिरिक्स...

मिथिला धरोहर — मैथिली लोकगीत लिरिक्स, विवाह गीत, मैथिली भगवती गीत लिरिक्स, मैथिली शिव भजन लिरिक्स, भजन, छठ, होली, मधुश्रावणी गीत लिरिक्स। मैथिली पंचांग, विवाह, उपनयन मुहूर्त, मिथिला के मंदिर, लोकदेवता, साहित्यकार परिचय, कथा-कहानी, गोनू झा के कहानी एवं मिथिला संस्कृति से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

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19 जुल॰ 2015

कमलक दहे दहे बेली फूल फूलल और फूलल कचनार हे लिरिक्स | कोहबर लोकगीत

Kamalak Dahe Dahe Beli Phul Phulal Lyrics

कमलक दहे दहे बेली फूल फूलल, आओर फूलल कचनार हे
फूल लोढ़ऽ गेलाह दुलहा से फलाँ दुलहा, लुबुधि रहल छबे मास हे
घरसँ बहार भेली कनियाँ सुहबे, नैनासँ झहरय नोर हे
किए मोन पड़ल सुहबे माय-बाप बहिनी, किए मोन पड़लै पंडित भाय हे
नहि मोरा मोन पड़लै सासु, माय-बाप बहीनि, नहि मोन पड़लै पंडित भाय हे
एक मोन पड़लै सासु अहीं केर बेटबा, जिनि बिनु पलंगा उदास हे

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