...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

31 दिस॰ 2013

अन्त श्रावण केर ई मेघ - वैद्यनाथ मिश्र यात्री

बरिसइत रहओ अहिना
भरि दिन, भरि राति
अन्त रावण केर ई मेघ
भिजबइत रहओ अहिना
कर्मातअन ज’न ज’नीक गत्र गत्र
अन्त श्रावण केर ई मेघ
सुनइत रहओ अहिना
रिकशावला इसखी छोंड़ा क गारि
अन्त श्रावण केर ई मेघ
लोकोक कतवहि मेँ
अर्ध दग्ध ऊपर फाँटू कोइला बिछइत
आयत आँखिवाली सँथाल-छँउड़ीक उपराग
सेहो सुनइत रहओ अहिना
अन्त श्रावण केर ई मेघ
तितबइत रहउ अहिना
तीसी तेलक चिकनाओल ओकर खोपा
अन्त श्रावण केर ई मेघ

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »