अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
17 अग॰ 2023
सीताराम सँ मिलान कोना हैत - लिरिक्स
रचनाकार - विद्यापति
सीताराम सँ मिलान कोना हैत
रे अन्देशबा लागि रही
राधे-श्याम सँ मिलान कोना हैत
रे अन्देशबा लागि रही
पैरो सँ तीर्थ कहियो ने कयलऊँ
कलजोरि किछु ने दाने
मुख सँ राम कहियो ने रलटऊँ
मोरा मोन भरल गुमाने
रे अन्देशबा लागि रही
सीता राम सँ मिलान कोना हैत
हरी मिलत हैं बहुत भाग्य सँ
अधिक कठिनक बात
रे अन्देशबा लागि रही
कथी केर दीप कथी केर बाती
नरय लागत दिन राति
जारि गेल दीप मिझा गेल बाती
मुरख रहल पछताय
रे अन्देशबा लागि रही
सीता राम सँ मिलान कोना हैत रे
रे अन्देशबा लागि रही
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2026/07/chait-mas-chunari-ranga-de-ho-rama.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/angana-meh-pokhari-khunaayal-lyrics.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !