अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
11 जुल॰ 2015
भेल विवाह राम चलला कोबर घर लिरिक्स | कोहबर लोकगीत
Bhel Vivah Ram Chalala Kobar Ghar Lyrics
भेल विवाह राम चलला, कोबर घर, सरहोजि छेकल दुआरि हे
छोडू-छोडू आहे सरहोजि, हमरो कोबर घर जाय दीअऽ हे
नहि छोड़बै आहे रामचन्द्र अहूँके कोबर घर, हमरो के किए देब दान हे
देबमे देब हे सरहोजि कान दुनू सोनमा, देबमे गला गृमलहार हे
नहि लेब आहे रामचन्द्र कान दुनू सोनमा, नहि लेब गला गृमलहार हे
लेबमे लेब रामचन्द्र छोटकी बहीनियाँ, पियाजी के भेजब संदेश हे
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