अखन तक कोनो पुरान चैट सहेजल नहि अछि।
29 जुल॰ 2015
चारि चौखंड केर ईहो नब कोबर लिरिक्स | कोहबर लोकगीत
Chari ChaukhChariand Ker Eho Jab Kobar Lyrics
चारि चौखंड केर ईहो नब कोबर, चारू कात लागल केबाड़ हे
भल कोहबर बनी
कोहबर सूतऽ गेला दुलहा से फल्लां दुलहा, कनियां सुहबे गूथल
फुलहार हे, भल कोहबर बनी
हार गूंथइते सुहबे भरि आयल जंघिया, गेली कनियां अलसाइ हे
एही ठाम छै हे प्रभु हार हमर, पहिरि कय दीअ शृंगार हे
भल कोहबर बनी
Tags
Kohbar Geet
शेयर करू
नव पोस्ट
⏳
पुरान पोस्ट
⏳
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/sona-ke-anguthi-me-laal-nagina-lyrics.html
https://mithiladharohar.blogspot.com/2024/10/ramhi-lachhuman-van-kay-chalalaah-lyrics.html
❤ अहाँक इहो पसंद आयत:
⏳
Tags:
Kohbar Geet
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !