...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

19 अक्टू॰ 2023

झमकि झहरि छवि रस बरसे, अनमोल दुलहवा लिरिक्स - Jhamki Jhari Chhavi Ras Barse Lyrics

झमकि झहरि छवि रस बरसे, अनमोल दुलहवा।

स्यामघटा छवि छटा छहरि रहौ,
लखि प्रेमिन मन-मोर हरसे, अनमोल.॥1॥

जनम-जनम के सूखल जियरा,
छवि रस बस रस-रस सरसे, अनमोल.॥2॥

छवि-माधुरि-रस सरस बरसि रहे,
तइयो प्रेमीगन पियास तरसे, अनमोल.॥3॥

ई छवि लखि सखि सब जग छूटल,
चलि भई अब पहु-प्रेम डगर से, अनमोल.॥4॥

सतत ‘करील’ सजनि लागी रहे,
लगन की डोरी सियावर से, अनमोल.॥5॥

लोक धुन - ताल दादरा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »