...
🌺🌸
✨ आगामी त्यौहार
मधुश्रावणी
📅 अगस्त 2026
और पढ़ें »
📢
आब मेनू के बहुत सरल बना देलगेल अछि, ऊपर में बांया कात तीन लाइन पर क्लिक क अपन पसन्दक सामग्री देखी-पढ़ी सकय छी।

28 जन॰ 2014

जून अबए भरि राति ट्रेन - वैद्यनाथ मिश्र यात्री


बइसल बइसल मेल ट्रेनक प्रतीक्षामेँ
बहार भए गेल आँखिक सूत
घंटा भरि लेट
आधा घंटा आओर लेट
पैतालीस मिनट आओर लेट...
आहि रे दैव, की भेलहु तोरा?
कइएक खेप फोड़ल आङुर
कइएक बेर भेल हाफी
चाटि गेल छी मुल्की मैगजीन
सुङुकि आएल छी सात कप चाह
सोँटि लेल अछि दू पाकिट सिगरेट
आहि रे दैव, आब की करू?
रङल-टीपल पेटारक भरेँ ओठङलि
दुरगमनिया कनिआ
सूतल अछि कि जागलि
वोधक अ’ ढ तर!
व’ र मुदा कटइ छइ फोँफ
करिआ कंबल पर ठामहि
सामान रखने अछि सँइति सिरमादिश
कए रहलइए अइहबक ओगरबाहि
सूति-पातिबाली अधबएसू लोकदिन
लालपाढ़िक पीअर साड़ी पहिरन...
माङुर सन एनमेन ओकरा देहक कांति
लगइए केहेन दिब
आब किए बहरैत आँखिक सूत
जूनि अबउ मेल ट्रेन भरि राति।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपन रचनात्मक सुझाव निक या बेजाय जरुर लिखू !

🎵 मैथिली लिरिक्स और देखें »
🪔 पावनि-तिहार और देखें »